इंसानियत …|

वो मंदिर भी जाता हैं वो मस्जिद भी जाता हैं, मंदिर से आते वक़्त, वो मस्जिद में भी सिर झुका आता हैं।   किसी धर्म को नहीं, वो इंसानियत को अपनाता हैं, उसके जज्बे में सारे हिंदुस्तान की तस्वीर नज़र आ जाती हैं|   भयभीत हो उसके मजहब से, सियायत कोसो दूर थम जाता हैं, … More इंसानियत …|

माँ….।

मेरी ख्वाहिश है की मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊँ माँ से इस तरह लिपटूँ कि बच्चा हो जाऊँ।                                                                          … More माँ….।